सियासी गुफ्तगू मत कीजिये अच्छा नहीं लगता

सियासी गुफ्तगू मत कीजिये अच्छा नहीं लगता ----
कौन जीता, कौन हारा इससे हमे मतलब नहीं, हमें अपने बेहतर उज्जवल भविष्य की ओर ध्यान देना अति आवश्यक है 

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17वें लोकसभा का चौकाने वाला  परिणाम सामने आ चूका है जिन्होंने सफलता प्राप्त की है उन्हें बधाई देते हैं और जो विजय  प्राप्त नहीं कर सके उन्हें अपने त्रुटियों और कमियों पर चिंतन मनन करना सियासी पार्टियों का काम है, हमारा काम मत देना था, वो हो गया, कौन जीता ? कौन हारा इस पर आलोचना करने में अपना बहुमूल्य समय नष्ट करना अनुचित है
इस बार कुल 25 मुस्लिम उमीदवार कामयाब हो कर लोक सभा पहुंचे हैं, 2014 के चुनाव में मात्र 21 ही सफल हो सके थे। 2014 से पूर्व लोकसभा में मुस्लिम संसदों की संख्या 41 थी, घटती संख्या चिंता का विषय है
किसी की जीत पर ख़ुशी मानना या  किसी के हार पर सोग मानना, ये हमारा काम नहीं है, जिनकी जीत हुई है उनकी हिदायत के लिए हम दुआ करते हैं, और जिनकी हार हुई है उन्हें अपनी रणनीति पर पुनः विचार करना चाहिए।
हमें अपनी शिक्षा दीक्षा अपने व्यवसाय और अपने भविष्य उज्जवल बनाने पर अधिक ध्यान देना चाहिए ।

सियासी गुफ्तगू मत कीजिये अच्छा नहीं लगता,
रफू पर फिर रफू मत कीजिये अच्छा नहीं लगता l

अशरफ अस्थानवी

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