कौन कहता है कि सितारे आसमान में होते हैं सितारें तो ज़मीन में होते हैं।
आज की राजनीति पर लिखी गई एक कहानी एस राजा की कलम से।
कार्यकर्ता बेचारे चमक रहे हैं सितारे।2019 की लड़ाई सितारों से जगमगाई।ढाई किलो का हाथ वाले सन्नी देवल भी राजनीति पार्टी में आ पहुँचे.बीजेपी के ओर से क्रिकेटर तो कांग्रेस ने उतारा बॉक्सर।पार्टी कोई भी हो जीत उन्हें चाहिए भले आपके इलाके में अगले 5 साल तक वो दिखे या न दिखे।
चलिए बात करते हैं बिहार की वहीं बेगूसराय में बैठे गरीराज सिंह अल्पसंख्यक के खिलाफ विवादित बातों में घिरे दिख रहे हैं।
जय श्री राम-जय श्री राम।
कही राम के नाम पर वोट तो कहीं अल्लाह के नाम पर वोट -चुनावी पार्टी मंच पर खड़े होकर धर्म बचाने की बात कर रही है-कोई भी पार्टी नौकरी और आरक्षण की बात नही कर रही है।
चुनावी भीड़ मंच में कुछ भीड़ बढ़ाया जाए तो चलिए बोल देते है आलू से सोना निकालने वाली बात या फिर 15 लाख सभी के खाते में डालें जाएंगे।इस बार चुनावी सरगर्मी में कालेधन को वापस लाने की बात नही की जा रहे है।नोट बन्दी में लाइन में लग कर भूख प्यास के साथ कुछ ऐसे लोग हैं जिन्हें दुनिया छोड़ना पड़ा,नौकरी की बात जब आई तब हमें पकौड़े बेचने की विधि बताया गया।जब चौकीदारी न कर पाए तब खुद ही चौकीदार बन गए।फिर भी लगता है इस से वोट नही मिलेगा तो कोई एक नेता भीड़ से मुसलमानों को पाकिस्तान भेजने की बात करने लगता है।ऐसा लगता है कि हिंदुस्तानी चुनाव विकास पर नहीं।यूपी में कुछ ऐसा ही है मायावती खेल रही है मुस्लिम कार्ड तो योगी आदियनाथ खेल रहे हैं हिन्दू कार्ड।
इस बार चुनावी सियासत गरमा गर्मी है।
चलिए भाई हमें किया हमें तो बताया गया है एक बटम दबाने चाहे वो वोट किसी को भी जाए।
धन्यवाद


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