बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर जन संघर्ष दल के माननीय अध्यक्ष श्री गुलरेज होदा का संदेश।।

बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर जन संघर्ष दल के माननीय अध्यक्ष श्री गुलरेज होदा का संदेश।।



    जन संघर्ष दल की ओर से समस्त देशवासियों के लिए भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार भारत रत्न बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर शुभकामनाएं व्यक्त करता हूं। बाबा साहब की जयंती 14 अप्रैल भारत के मौजूदा संविधान पर विश्वास रखने वालों के लिए काफी महत्व रखता है। बाबा साहब ने भारतीय संविधान के निर्माण में आम नागरिकों के अधिकारों को मौलिक अधिकारों के रूप में समाहित किया था। इसका ही परिणाम है कि आज देश का हर नागरिक अधिकार संपन्न है और हम एक लोकतांत्रिक देश का नागरिक होने पर गर्व महसूस करते हैं। बाबा साहब की जयंती को बड़े पैमाने पर मनाना और अपने पथ प्रदर्शक के सम्मान में श्रृंखलाबद्ध  समारोह का आयोजन करना, जन संघर्ष दल के लिए एक गर्व का विषय है। जन संघर्ष दल ने चंपारण की पवित्र धरती पर बाबा साहब के जयंती समारोह को एक श्रृंखला के रूप में अलग-अलग स्थानों पर आयोजित करने की घोषणा की थी। लेकिन कोरोना महामारी के चलते लॉक डॉन को देखते हुए पार्टी को अपना यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम फिलहाल स्थगित करना पड़ा है। लेकिन बाबा साहब हम सबके दिलों में बसते हैं। बाबा साहब ने हम सबको जो संवैधानिक अधिकार दिलाया है, उन अधिकारों से जो हमें लोकतांत्रिक ऊर्जा मिल रही है, उस ऊर्जा से समाज को रौशन करना हमारा कर्तव्य है। बाबा साहब की जयंती पर लॉक डॉन का उल्लंघन कर हम कोई सामूहिक कार्यक्रम तो नहीं कर सकते। लेकिन हम व्यक्तिगत रूप से सोशल मीडिया के माध्यम से बाबा साहब के विचारों का आदान प्रदान कर उनकी जयंती का जश्न अवश्य मना सकते हैं। बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने हमें योग्यता के साथ जीने का मंत्र दिया है। बाबा साहब ने कहा था,  अपने स्वाभिमान को खोकर जीवित रहना अपमानजनक है। जीवन में स्वाभिमान अति आवश्यक है। इसके बगैर मनुष्य शून्य है। सम्मान के साथ योग्यता से जीवित रहने के लिए मनुष्य को तकलीफों से गुजरना पड़ता है। कठोर और निरंतर संघर्ष से ही मनुष्य को शक्ति, विश्वास और मान्यता उपलब्ध हो सकती है। मनुष्य नश्वर है। हर एक को एक ना एक दिन मरना है। लेकिन मनुष्य को आत्मसम्मान के उत्तम आदर्श को प्रफुल्लित करने और मानवीय जीवन को सुशोभित करने के लिए समर्पित करने का संकल्प करना होगा। हम गुलाम नहीं हैं। हम सैनिक वंश से हैं। किसी वीर पुरुष के लिए स्वाभिमान के बिना जीवन जीने से अधिक शर्मनाक बात नहीं हो सकती। बाबा साहब ने यह भी कहा था, ऐसा वक्त आ सकता है, जब हम अन्याय रोकने में असमर्थ हों, मगर ऐसा वक्त कभी नहीं आना चाहिए, जब हम विरोध करने में नाकाम हों। बाबा साहब के विचारों से प्रेरणा हासिल करते हुए हम जन संघर्ष दल के सभी सम्मानित नेताओं और समर्पित कार्यकर्ताओं से आग्रह करते हैं कि बाबा साहब के विचारों को समाज के आखिरी पायदान के लोगों तक पहुंचाएं और एक संगठित, शिक्षित और जागरूक समाज बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। बाबा साहब का यह कथन कि, मैं ऐसे धर्म को मानता हूं, जो स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा सिखाता है। यह हमारे दल के लिए मूल मंत्र है।

(श्री गुलरेज़ होदा, भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी तथा विश्व बैंक के पूर्व निदेशक हैं)

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